आज तुम मिल गए - कुमार विश्वास

 

 

आज हल हो गए प्रश्न मेरे सभी
अब अन्धेरों में दीपक जलेंगे प्रिये!
आज तुम मिल गए तो जहाँ मिल गया
अब सितारों से आगे चलेंगे प्रिये!

आज तक रोज़ चलता रहा जि़ंदगी
का सफ़र, पर मेरे पाँव चल ना सके
आज तक थे तराने हृदय में बहुत
गीत बन कँठ में किंतु ढल ना सके
आज तुम पास हो, हैं किनारे बहुत
गीत में भाव से हम ढलेंगे प्रिये!

आज अहसास की बाँसुरी पर मुझे
तुम मिलन-गीत कोई सुनाओ ज़रा
ये अमा-कालिमा धुल सकेगी शुभे!
पास आकर मेरे मुस्कराओ ज़रा
प्रेम के ताप से मौन के हिम-शिखर
देखना शीघ्र ही अब गलेंगे प्रिये!

 

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